Transfer of Power 1947
1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि — सत्ता हस्तांतरण (Transfer of Power 1947)
तारीख: 15 अगस्त 1947
मुख्य व्यक्ति:
लॉर्ड माउंटबेटन — भारत के अंतिम ब्रिटिश वायसराय
पंडित जवाहरलाल नेहरू — भारत के पहले प्रधानमंत्री
मोहम्मद अली जिन्ना — पाकिस्तान के संस्थापक
महात्मा गांधी, सरदार पटेल, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद आदि उस समय की राजनीतिक वार्ताओं में महत्वपूर्ण थे
2. यह "स्वतंत्रता" नहीं, बल्कि “सत्ता हस्तांतरण” क्यों कहा गया?
भारत में 15 अगस्त 1947 को जो हुआ, वह “Transfer of Power” था —
अर्थात् ब्रिटिश शासकों ने प्रशासनिक सत्ता भारतीय नेताओं को सौंप दी, परंतु उन्होंने कई कानूनी और आर्थिक नियंत्रण अपने पास रखे या अपने बनाए कानूनों के अधीन ही सौंपे।
इसके प्रमाण:
(A) Indian Independence Act 1947
यह अधिनियम ब्रिटिश संसद (UK Parliament) ने पारित किया था, भारतीय संसद ने नहीं।
भारत की स्वतंत्रता ब्रिटिश संसद की अनुमति से दी गई — यानी यह एक कानूनी हस्तांतरण था, न कि पूर्ण स्वराज
इस कानून की धारा 8(2) के अनुसार:
जब तक भारत अपनी नई संविधान व्यवस्था नहीं बना लेता, तब तक ब्रिटिश बनाए कानून लागू रहेंगे।"
यानी:
भारत आज़ाद हुआ, परंतु अंग्रेज़ों के बनाए कानून, न्याय व्यवस्था, प्रशासनिक ढांचा और आर्थिक प्रणाली वैसी ही रही।”
3. लॉर्ड माउंटबेटन का कथन (जैसा चित्र में लिखा है)
> “मालिक अंग्रेज ही रहेंगे, सरकार आप लोग चलाएंगे तथा हमारे बनाए कानून लागू रहेंगे।”
यह कथन उस नीति को दर्शाता है, जिसे “Neo-colonial control” (नव-औपनिवेशिक नियंत्रण) कहा जाता है —
अर्थात सत्ता भारतीयों के हाथ में, लेकिन नियम, वित्तीय नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय नीति अभी भी ब्रिटिश सोच पर आधारित।
4. ब्रिटिश नियंत्रण के बचे हुए पहलू (1947 के बाद)
क्षेत्र ब्रिटिश प्रभाव
कानूनी प्रणाली अभी भी “Indian Penal Code 1860”, “Evidence Act 1872”, “Civil Procedure Code 1908” आदि लागू रहे
मुद्रा प्रणाली “Reserve Bank of India” ब्रिटिश कानून (1934 Act) के अंतर्गत चलता रहा
संविधान 1947 से 1950 तक ब्रिटिश कानून के अधीन “Dominion Status” रहा
गवर्नर जनरल पहले गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन, फिर सी. राजगोपालाचारी, जो ब्रिटिश Crown के प्रतिनिधि थे
रक्षा नीति ब्रिटिश सेना ढांचे पर आधारित रही
5. संविधान बनने के बाद क्या हुआ?
26 जनवरी 1950 को जब भारतीय संविधान लागू हुआ, तब जाकर भारत ने अपने को “पूर्ण गणराज्य (Sovereign Republic)” घोषित किया।
फिर भी,
बहुत से अंग्रेजी कानून (IPC, Evidence Act, Transfer of Property Act) आज तक लागू हैं।
न्यायिक प्रणाली “British Common Law” पर ही आधारित रही।
यानी — ब्रिटिश औपनिवेशिक ढांचे को भारतीय प्रशासनिक चेहरा दे दिया गया।
6. सारांश (Summary)
विषय तथ्य
घटना का नाम Transfer of Power
तारीख 15 अगस्त 1947
मुख्य व्यक्ति माउंटबेटन, नेहरू, जिन्ना
कानून Indian Independence Act 1947
वास्तविक रूप में सत्ता का हस्तांतरण, न कि पूर्ण स्वतंत्रता

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